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शनिवार, 20 दिसंबर 2008

आज आओ दूर तक ढेले चलाएँगे



कुछ सुनाओ आज तो बातें सितारों की
क्या सुनाएँ आप को बातें सितारों की ?

पाँव के नीचे धरा में तो दरारें हैं
सूझती हैं आप को बातें सितारों की

होटलों के सिर टंके उनके सितारे तो
हम खिलाते पेट को बातें सितारों की

तारिकाओं-तारकों के चित्र फिल्मों में
बाँटते हैं देश को बातें सितारों की

कुर्सियों का राग है सारे सदन में, यों
हो रहीं बस बात को बातें सितारों की

आज आओ दूर तक ढेले चलाएँगे
मत करो जिद , छोड़ दो बातें सितारों की     [६७]

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