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गुरुवार, 14 अप्रैल 2011

कीमत है साठ पैसे, अखबार लीजिए

कीमत है साठ पैसे,* अखबार लीजिए
मंडी लुटी है कैसे ,    अखबार लीजिए

गिरती पतंग लूटते जिस तरह से लोग
लुटती है लाज ऐसे,   अखबार लीजिए

अमरीका हो या पाक हो या रूस हो या चीन
भूखे हैं गीध जैसे,      अखबार लीजिए

जूतों से मुक्कों से भिड़ते हैं शराबी
एम पी लड़े हैं वैसे,     अखबार लीजिए

चोरों के हाथ काट दो, लोगों की माँग है
जैसे के साठ तैसे!      अखबार लीजिए   [112]

                                  *16 अक्टूबर,1981 .  

बुधवार, 13 अप्रैल 2011

झीलों में ज़हर घुला है, ताज़ा ख़बर है

झीलों में ज़हर घुला है, ताज़ा ख़बर है
सकते में लाल किला है, ताज़ा ख़बर है

झूठे प्रमाणपत्र ले  नीले सियार ने
हर एक जंतु छाला है, ताज़ा ख़बर है

ज़ाहिर हुआ है आज यों उनका आचरण
संसद कि साँप नेवला है, ताज़ा ख़बर है

नेता के सह-वास से कुर्सी को, दोस्तो!
उपदंश दान मिला है, ताज़ा ख़बर है

कैंसर से सड़ रहे अंगों को काट दो
वैद्यों का फैसला है,  ताज़ा ख़बर है        [111]

16 अक्टूबर, 1981