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बुधवार, 13 अप्रैल 2011

झीलों में ज़हर घुला है, ताज़ा ख़बर है

झीलों में ज़हर घुला है, ताज़ा ख़बर है
सकते में लाल किला है, ताज़ा ख़बर है

झूठे प्रमाणपत्र ले  नीले सियार ने
हर एक जंतु छाला है, ताज़ा ख़बर है

ज़ाहिर हुआ है आज यों उनका आचरण
संसद कि साँप नेवला है, ताज़ा ख़बर है

नेता के सह-वास से कुर्सी को, दोस्तो!
उपदंश दान मिला है, ताज़ा ख़बर है

कैंसर से सड़ रहे अंगों को काट दो
वैद्यों का फैसला है,  ताज़ा ख़बर है        [111]

16 अक्टूबर, 1981   

3 टिप्‍पणियां:

cmpershad ने कहा…

ताज़ा खबर तो यह है.....
सब चुप, सहित्यिक चुप और कविजन निर्वाक
चिंतक, शिल्पकार, नर्तक चुप हैं
उनके ख़याल से यह सब गप है....:)
...मुक्तिबोध

तनिष्क ने कहा…

नमस्कार सर.



फिलहाल ताजा खबर यह है कि सरकार ने सियार बन शेर से कुछ दिनों की मोहलत माँगी है देखते हैं क्या होता है क्यूँ कि पिक्चर अभी बाकी है.

एक कविता प्रस्तुत है आशा है आपको अच्छी लगेगी.

लोग इतना चिल्लाते हैं?
मैं बहरा हूँ?
धीरे से बोलो
फुस-फुसाओ
मेरे कान नहीं
मेरा मन
हर सवाल का
तुम्हारे, जवाब देगा
तुम सुनोगे?

- बालाजी

ऋषभ Rishabha ने कहा…

आदरणीय प्रसाद जी
और
प्रिय बालाजी,
आप लोगों की टिप्पणियों ने तो मन में लुके-छिपे प्रशंसा-लोभ को जगा दिया है. कुछ अनर्थ न हो जाए इस मनोविकार के जागने से!
हें...हें...हें....हो...हो...